मैं एक असमिया साहित्यकार हूँ। मैं असमिया के अलावा हिन्दी में भी लिखता रहा हूँ। असमिया से हिन्दी में अनुवाद का काम भी किया है। असमिया भाषा में एक कविता संकलन रौदे पुरा शाश्यर छाई ,'धुप में जली फसल की राख' नाम से प्रकाशित हो चुका है। हिन्दी में मेरी कबिताएँ दस्तावेज नामक पत्रिका में छप चुकी है। हाल ही में एक कहानी http://www.indradhanushindia.org/magazine/nov2008/index.htm में प्रकाशित हुई है.
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें