मंगलवार, 26 अक्टूबर 2010

बांगलादेशी समस्या एक बार फिर सुर्खियों में

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बांग्लादेशी दुष्चक्र के बारे में अबतक गहराई से किए गए चिंतन का प्रभावशाली लेख असम के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं मे वरिष्ठ बुद्धिजीवियों ने अपने-अपने परामर्श दिए हैं। भारत आनेवाले अवैध बांग्लादेशी की संख्या में निरंतर वृद्धि होने के बावजूद राष्टृीय दलों द्वारा अनदेखी किया जाना सचमुच चिंता का विषय है। अगप के असम की राजनीति में प्रवेश का यही एकमात्र मुद्दा था। लेकिन शासन में होने के बावजूद भी जटिल कानूनी प्रक्रिया के कारण वे लोग कुछ भी नहीं कर पाए जो उनकी बेबसी को दर्शाता है। आसू के आंदोलन का उस पक्ष की विफलता नें असम की जनता को हताश व निराश किया है। समस्या के संदर्भ में कई कारणों का सही मायनों में उचित मूल्यांकन न होने के कारण समस्या ज्यों की त्यों पड़ी है । अवैध बांग्लादेशीयों को मताधिकार से वंचित कर देने से इस समस्या से कुछ हद तक काबू पाया जा सकता है लेकिन यह काम प्रशासन का है । इसके लिए राजनीतिक दलों को एक सर्वसम्मत निर्णय लेना पड़ेगा। देश की अखंडता को भी भविष्य में अगर खतरा हो सकता है तो इन्हीं अवैध बांग्लादेशियों से ही हो सकता है। इसमें कोई शक नहीं है कि इस बात को लेकर कोई चिंतित न हो लेकिन चुनाव आते ही सभी दल अपनी-अपनी रोटियां सेंकने में लग जाते है। यद्यपि आसू इस मुद्दे पर जागरुक है लेकिन राजनैतिक आकाओं की शतरंजी चाल के आगे हाथ मलने के अलावा कुछ नहीं कर पाते। यह सोचना बिलकुल उचित और सटीक है कि बातचीत के माध्यम से कोई भी समस्या हल की जा सकती है। यदि वे लोग जिन पर इस समस्या को हल करने की जिम्मेवारी है वे उसे राष्टृीय समस्या समझकर अगर हल करना चाहें तो।
लेकिन जिस गति से इस दिशा में काम हो रहा है उससे तो यही लगता है कि समस्या का समाधान ढूंढते-ढूंढते हजारों साल गुजर जाएंगे। तब तक अवैध बांग्लादेशी राजनैतिक दृष्टि से इतने मजबूत हो जाएंगे कि उन्हें अपनी सरकार बनाने से भी कोई नहीं रोक पाएगा। हालांकि इस बात की आशंका व्यक्त होनी शुरु हो गई है। असम जैसे राज्य में अनेकों समस्याएं हैं अतः एक अवैध घुसपैठियों की समस्या से जनता को भुलावे में रखने के लिए अन्य समस्याओं को हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। केंद्र सरकार का रवैया भी इस मामले को लेकर उदासीन है। सरकारी तंत्र में एक राशन कार्ड बनाने में कितनी तरह की छानबीन की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है यह सर्वविदित है फिर एक अवैध नागरिक की पहचान क्यों नहीं हो सकती? यह सच है कि किसी भी अवैध बांग्लादेशी को अगर पुलिस पकड़ भी ले तो राजनैतिक हलकों में हायतौबा मच जाती है,ऐसे में पुलिस वाले अपनी नौकरी बचाने को तरजीह देते हुए आंखे मुंद लेने में ही भलाई समझती है। जब राजस्थान में सिलसिलेवार बम विस्फोट हुए तब बांग्लादेशियों का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आया । आसू इस बार राजनैतिक बहकावे में न आकर इमानदारी से अगर जनता को विश्वास में लेकर रणनीति तैयार करे तो कुछ आशाजनक परिणाम हासिल कर सकती है। आनेवाले दिनों में असम में विधान सभा के चुनाव होंगे बांगलादेशीयों के मताधिकार को लेकर फिर से गरना-गरम बहस शुरु हो चुकी है। असंभावित ़रुप से मतदाताओं की संख्या मे हुई वृद्धि को लेकर राजनैतिक हलकों में सुगबुगाहट शुरु हो चुकी है। असम की जनता भी इसे सहज रुप में नहीं ले पा रही है। लेकिन जिम्हें इससे फायदा होगा वे इसके बचाव में आगे आएंगे इसमें कोई शक नहीं है। इस तरह समस्या एक विकराल रुप लेगी। समय रहते इस विषय पर चिंता करना जरुरी है।
असम विभिन्न भाषा-भाषीयों तथा विभिन्न जनगोष्ठियों का राज्य है। अतः इन सभी को साथ में लेकर आसू को सम्मिलित प्रयास करना होगा। असम की अखंडता में कहीं भेदभाव का बीज बोने वले फिर से सक्रिय न हो इस बात का विशेष ध्यान रखना होगा। असम में बढते अवैध नागरिकों की संख्या को देखते हुए अन्य प्रांतो से भी समर्थन मिलने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। असम आंदोलन के दौरान हुई गलतियां पुनः न दोहराई जाए इस बात पर भी नजर रखनी होगी। सांप्रदायिक हिंसा से बचते हुए सामग्रिक रूप से अहिंसात्मक तरीकों से अपनी समस्याओं से जनता को अवगत कराना होगा। अपनी पुरानी गलती से सबक लेकर ही नए सिरे से उचित मार्ग अपनाना होगा। और अंत में,आपका कहना बिल्कुल सही है कि अब तक निराशावादी बन चुके असमवासियों की आंखों में एक बार फिर आशा की किरण दिखाई दी है- शायद इस बार कुछ हो जाए। अगर इस बार चुक गए तो फिर समस्या को और अधिक विकराल होने से कोई नहीं बचा सकता। मौके का फायदा उठाने में ही समझदारी है। समय रहते सचेत हो जाने से देश की अखंडता को सुरक्षित रखा जा सकता है।
किशोर कुमार जैन महात्मागांधी पथ फैंसीबाजार गुवाहाटी -1

1 टिप्पणी:

भारतीय नागरिक - Indian Citizen ने कहा…

वोट बैंक के चक्कर में समस्या को बढ़ाया जा रहा है, एक दिन यह भस्मासुर का रूप धारण कर लेंगे. word verfication हटा दें कृपया