एक पुराने वर्ष का अंत
और एक नए वर्ष का शुभारम्भ
आशा और प्रत्याशा का वर्ष
किसी के लिए दुःख और बिषाद का वर्ष
और किसी के लिए हर्ष और उल्लास का
आडे तिरछे चित्रों के बीच
टटोल रहा था पुरे वर्ष
शान्ति की राह
बिदाई की बेला में
२००८ सन सिसक रहा था
बेबसी में रो रहा था
शोक में टूट गया था
फ़िर भी स्वागत कर रहा था
एक नए स्वर्णिम अध्याय का
पृष्ठ खोलने के लिए
२००९ सन का
kishore kumar jain
मंगलवार, 13 जनवरी 2009
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